Sans ke prashnchinho likhi (साँस के प्रश्नचिन्हों लिखी स्वर-कथा)
Sans ke prashnchinho likhi, साँस के प्रश्नचिन्हों लिखी स्वर-कथा, माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi) द्वारा लिखित कविता है. साँस के प्रश्न-चिन्हों, लिखी स्वर-कथा क्या व्यथा में घुली, बावली हो गई! तारकों से मिली, चन्द्र को चूमती दूधिया चाँदनी साँवली हो गई! खेल खेली खुली, मंजरी से मिली यों कली बेकली की छटा हो गई वृक्ष की … Read more