Badariya tham thamkar Kavita (बदरिया थम-थमकर झर री)- माखनलाल चतुर्वेदी
Badariya tham thamkar Kavita, बदरिया थम-थमकर झर री, माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi) द्वारा लिखित कविता है. बदरिया थम-थनकर झर री ! सागर पर मत भरे अभागन गागर को भर री ! बदरिया थम-थमकर झर री ! एक-एक, दो-दो बूँदों में बंधा सिन्धु का मेला, सहस-सहस बन विहंस उठा है यह बूँदों का रेला। तू खोने … Read more