Aaj nayan ke bangle (आज नयन के बँगले में कविता)- माखनलाल चतुर्वेदी
Aaj nayan ke bangle, आज नयन के बँगले में, माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi) द्वारा लिखित कविता है. आज नयन के बँगले में संकेत पाहुने आये री सखि! जी से उठे कसक पर बैठे और बेसुधी- के बन घूमें युगल-पलक ले चितवन मीठी, पथ-पद-चिह्न चूम, पथ भूले! दीठ डोरियों पर माधव को Aaj nayan ke bangle … Read more