Madhur badal aur badal (मधुर बादल और बादल कविता)- माखनलाल चतुर्वेदी

Madhur badal aur badal, मधुर बादल और बादल, और बादल, माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi) द्वारा लिखित कविता है. मधुर ! बादल, और बादल, और बादल आ रहे हैं और संदेशा तुम्हारा बह उठा है, ला रहे हैं।। गरज में पुरुषार्थ उठता, बरस में करुणा उतरती उग उठी हरीतिमा क्षण-क्षण नया श्रृंगार करती बूँद-बूँद मचल उठी … Read more

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